जानिए क्या है बवासीर के लक्षण, कारण व उपाय| piles meaning in hindi

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Piles meaning in hindi यानी कि बवासीर क्या है,  बवासीर कैसे होता है, बवासीर होने का मुख्य कारण क्या है, बवासीर से कैसे बचा जा सकता है एवं बवासीर कितने प्रकार का होता है।

जी हाँ, आज हम आपसे एक ऐसी समस्या के बारे में बात करने जा रहे हैं जिससे भारत ही नहीं बल्कि दुनिया में करोड़ों लोग परेशान है।

बवासीर एक ऐसी समस्या है जो ना तो किसी से जल्दी कही जाती है और ना ही सही (सहन) जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि यह गुप्त रोग में आता है और इसका नाम है piles ( piles meanings in Hindi) जिसे बवासीर के नाम से भी जाना जाता है।Piles meaning in hindi

बवासीर (piles) क्या है ( piles meaning in hindi )

आजकल बवासीर एक आम बीमारी बन चुका है। हर घर में आपको एक या दो मरीज बवासीर से पीड़ित मिल जायेंगे। बवासीर होने का मुख्य कारण हमारे खान पान, रहन-सहन एवं जीवन शैली है।

हम सब जब शौच करने जाते हैं तो स्टूल ( मल ) के कड़ा होने से हमें काफी जोर लगाना पड़ता है। इस स्थिति में हमारी नसे जो कि एक कंप्रेसर की तर्ज पर काम करती हैं, वो सूज जाती है।

जब कड़ा स्टूल नसों को रगड़ते हुए बाहर आता है तो उनमें सूजन आ जाती है। जब यही क्रिया रोजाना होने लगती है तो नसों में काफी ज्यादा सूजन आ जाती है और वह हमारे एनल यानी कि गुदा मार्ग से बाहर की तरफ लटक जाती है। जिसे देखने के बाद रोगी दहशत में आ जाता है।

इस वजह से लोग हो रहे हैं बवासीर का शिकार 

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बवासीर में शुरुआती परेशानी ( starting problem of piles )

शुरुआत में तो वह इसे अपने हाथ के माध्यम से वापस अंदर डाल देता है और यह बिना दर्द के वापस अंदर चला जाता है परंतु कुछ समय बाद यही यही मस्सा अंदर नहीं जाता और बाहर ही रहने लगता है।

इस प्रकार जब यह मस्सा बाहर ही रहने लगता है तो यह दर्द देना चालू कर देता है एवं उसके बाद इतना दर्द होने लगता है कि रोगी इसे बर्दाश्त नहीं कर पाता। और रोगी को उस वक्त समझ आता है कि आखिर बवासीर क्या है ( piles meaning in hindi).

दुनिया में सबसे ज्यादा पेनफुल कंडीशन बवासीर को ही माना जाता है क्योंकि दर्द के दौरान रोगी इतना डर जाता है कि वह शौच करने से ही घबराता है। इस रोग में रोगी साइकोलॉजिकल तरीके से भी काफी डिस्टर्ब हो जाता है।

वह ना तो अपना काम ठीक से कर पाता है और ना ही अपने दिनचर्या को ठीक से चला पाता है। ना ही कुछ खाता है और ना ही कुछ पीता है क्योंकि उसे यह डर लगा रहता है कि कुछ खाने के बाद उसे शौच लगेगा एवं शौच के दौरान खून आएगा एवं दर्द होगा। इस तरह रोगी की सेहत दिन प्रतिदिन खराब होती चली जाती है।

piles in hindi

बन सकता है गुदाद्वार में कैंसर

कई परिस्थितियों में बवासीर के कारण ही गुदाद्वार में कैंसर बन जाता है जिससे रोगी की मौत तक हो जाती है एवं कई परिस्थितियों में ऐसा होता है कि रोगी कमजोर होते होते क्षय रोग से पीड़ित हो जाता है जिससे उसे अनेक बीमारियां घेर लेती है।

वह बवासीर से तो नही परंतु उसके द्वारा अन्य बीमारियों के प्रभाव से जरूर मृत्यु को प्राप्त कर लेता है।

बवासीर होने के मुख्य कारण ( important factor of piles)

यदि आपके परिवार में आपके माता-पिता या दादा दादी किसी को भी यह समस्या पहले हुई है तो 50 प्रतिशत चांस रहता है कि आप भी इस बीमारी से पीड़ित हो सकते हैं। यह एक तरह से आनुवंशिक रोग में भी आता है।

इस केस में शुरुआती तौर पर ही जो एंब्रॉयडरी वाल्स होते हैं उनमें ब्लैक स्टूल पाए जाते हैं जिस वजह से हेमोरॉयड्स होने की संभावना बढ़ जाती है।

आप जब तक नहीं जानेंगे कि आखिर शरीर में ऐसी क्या गड़बड़ी है जिस वजह से हेमोरोइड्स बन रहे हैं तब तक आप इससे छुटकारा नही पा सकते। तो चलिए जान लेते हैं कि हेमोरोइड्स आखिर बनता कैसे है...

हेमोरोइड्स बनने के मुख्य कारण

 1. खाने में फाइबर युक्त रेशेदार सब्जियों फल वगैरा कम खाना, मैदा प्रोडक्ट्स जैसे कि पिज्जा बर्गर और चावल वगैरह जिन चीजों में फाइबर ज्यादा नहीं पाया जाता है उन चीजों का सेवन ज्यादा करने से स्टूल्स यानी कि मल सख्त हो जाते हैं।

2. दूसरा है पानी का सेवन ठीक तरीके से नहीं करना। तीसरा है लाइव डिसऑर्डर जैसे कि पूरा पूरा दिन एक ही जगह बैठ कर काम काम करना। एक्सरसाइज बिल्कुल भी ना करना। चार लेकर 5 घंटे तक एक ही स्थिति में बैठे रहना।

इन सारी प्रॉब्लम की वजह से कांट्रेसर ट्रिगर होता है जो आगे चलकर पाइल्स यानी कि बवासीर को जन्म देता है। इसके अलावा कुछ और कारण है जो कि मुख्य रूप में देखे गए हैं जैसे की प्रेगनेंसी में पाइल्स होने के चांसेस बहुत ज्यादा बढ़ जाते हैं।

इसके कारण है जो बढ़ता हुआ बच्चा होता है वह मां के गर्भाशय में रेक्टल वेल्स पर प्रेशर डालता है दूसरा कारण प्रोजेस्ट्रोन है वह भी वेंस के wall मेंयय इलैक्जिटी पैदा करता है।

बवासीर से बचने के उपाय

जानिए आखिर किस तरह बवासीर से बचा जा सकता है।

अब तो आप यह जान ही चुके होंगे कि वह कौन से कारण है जिसकी वजह से पाइल्स होता है। जैसा कि हमने ऊपर आपको बताया है कि दुनिया में अगर कोई सबसे ज्यादा दर्दनाक बीमारी है वह तो वह है पाइल्स इस वजह से आप से पहले अपने खानपान पर ध्यान दें।

पानी हो या एक्सरसाइज यह बहुत सारी चीजें होती हैं जिन को सही तरीके से फॉलो करके आप पाइल्स की बीमारी से छुटकारा पा सकते हैं।

पाइल्स को लेकर भ्रम

सबसे पहले तो हमें यह जानना है कि जिसको हम इस हेमोरोइड्स बोल रहे हैं वह सच मे पाइल्स ही है या कोई और बीमारी तो नहीं है। क्योंकि जो हमारा गूदे का रास्ता है उसमें दो या तीन बीमारियां होती हैं जिसको लोग पाइल से कंफ्यूज करते हैं।

गुदा द्वार में होने वाली बीमारियां

गुदाद्वार में होने वाली बीमारियां निम्नलिखित है…

 फिशर ( fisser )

जब स्टूल (मल) कड़ा आता है तो हमारा जो एनल कैनाल है, वहां पर चोट लग जाती है। चोट लगने के बाद वहां घाव बन जाता है। घाव बनने के बाद जब बॉडी उसे धीरे धीरे heal करती है तो हमारा जो एनल कैनाल का रास्ता है, वह थोड़ा छोटा हो जाता है।

शुरू में पता नहीं चलता लेकिन धीरे-धीरे इतना छोटा रास्ता हो जाता है कि आदमी शौच करने से भी डरता है। इस तरह से यह fisser होता है piles नही। एवं लोगों को इन दोनों कन्फ्यूज नहीं होना चाहिए।

 भगंदर (fistula)

भगंदर में रोगी को शौच वाले रास्ते में कोई परेशानी नहीं होती परंतु उसके आसपास एक छोटा सा होल बन जाता है और वहां से पानी आना शुरू हो जाता है।

कभी मवाद आती है तो कभी वैसे ही पानी आता है। लोग उसे भी piles समझ लेते हैं तो यहां पर हम उनको बता दे कि वह पास नहीं बल्कि भगंदर होता है। इन दोनों का इलाज अलग अलग होता है।